2023 के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में क्या है भारत का स्थान

भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2023 का हालिया प्रकाशन जो कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी किया गया, ने विश्व भर में भ्रष्टाचार के स्तर की एक विस्तृत तस्वीर प्रस्तुत की है। इस वर्ष, भारत 180 देशों में 93वें स्थान पर रहा, जिसमें इसका कुल स्कोर 39 रहा, जो कि 2022 में 40 था। यह सूचकांक सार्वजनिक क्षेत्र के भ्रष्टाचार के अनुमानित स्तरों को मापता है, जिसमें शून्य का अर्थ है अत्यधिक भ्रष्ट और 100 का अर्थ है बहुत ईमानदार या वेरी क्लीन।

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इस वर्ष की रिपोर्ट में, एशिया प्रशांत क्षेत्र, जिसमें बांग्लादेश, भारत, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सोलोमन द्वीप, दक्षिण कोरिया, और ताइवान शामिल हैं, एक बड़े चुनावी वर्ष का सामना कर रहे हैं। इस क्षेत्र के 71 प्रतिशत देशों का सीपीआई स्कोर क्षेत्रीय औसत 45 और वैश्विक औसत 43 से कम है, जो निर्वाचित अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे पर कार्यवाही की कमी को दर्शाता है।

डेनमार्क लगातार इस सूचकांक में शीर्ष स्थान पर है, जिसका स्कोर 90 है, वहीं फिनलैंड और न्यूजीलैंड क्रमशः 27 और 85 के स्कोर के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष 10 देशों में नॉर्वे, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, जर्मनी, और लक्जमबर्ग भी शामिल हैं। दूसरी ओर, सूचकांक में सबसे निचले स्थानों पर सोमालिया, वेनेजुएला, सीरिया, दक्षिण सूडान और यमन हैं।

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ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल, जो इस सूचकांक का प्रकाशन करता है, एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1993 में बर्लिन, जर्मनी में हुई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य वैश्विक भ्रष्टाचार का मुकाबला करना और भ्रष्टाचार के कारण उत्पन्न होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए कार्यवाही करना है। इसके प्रकाशनों में वैश्विक भ्रष्टाचार बैरोमीटर और भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक शामिल हैं।

इस लेख में प्रस्तुत किया गया विश्लेषण न केवल विश्व भर में भ्रष्टाचार के स्तर को समझने में मदद करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे विभिन्न देश इससे निपट रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया क्या है। यह विश्लेषण हमें भ्रष्टाचार के मुकाबले की दिशा में उठाए जा रहे कदमों और चुनौतियों की गहराई से समझ प्रदान करता है।

“न्यायेन मार्गेण यतो वर्धते राष्ट्रं,
अन्यायेन यत्र क्षयम् एति सः।
धर्मेण पाल्यते यत्र नागरिकः,
तत्र श्रियं प्राप्नोति सर्वत्रजनः।”

Hindi Meaning:
“जहाँ न्याय के मार्ग से राष्ट्र का विकास होता है,
वहीं अन्याय से उसका क्षय होता है।
जहाँ धर्म के अनुसार नागरिकों का पालन किया जाता है,
वहां सभी जनता समृद्धि प्राप्त करती है।”

Relation with the Article:
यह श्लोक भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2023 के विषय से संबंधित है। यह बताता है कि न्याय और धर्म के मार्ग पर चलकर ही एक राष्ट्र का सही विकास संभव है। भ्रष्टाचार के बढ़ते स्तर से न केवल राष्ट्र की प्रगति में बाधा आती है, बल्कि यह नागरिकों की समृद्धि और कल्याण को भी प्रभावित करता है। इसलिए, इस श्लोक का संदेश है कि एक न्यायपूर्ण और धर्मनिष्ठ समाज ही सच्ची समृद्धि की ओर ले जा सकता है।

Country/RegionCPI Score 2023Rank 2023
India3993
Denmark901
Finland852
New Zealand853
Norway84
Singapore83
Sweden82
Switzerland82
Netherlands79
Germany78
Luxembourg78
Somalia11
Venezuela13
Syria13
South Sudan13
Yemen16