यह कहानी पुणे के एक ऐसे अपराध की है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। यह घटना साल 2010 की है, जब 15 साल के अभिषेक घोरपड़े को उसके ही दोस्तों ने बेरहमी से मार डाला।
अभिषेक को उसके दोस्तों ने एक बर्थडे पार्टी के बहाने पुणे के नैन आइलैंड स्थित रिवर साइड सोसाइटी में बुलाया। वह यह नहीं जानता था कि यह पार्टी उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी। उसके दोस्त उसे पेड़ के पास ले गए, जहां उन्होंने उसे रस्सी से बांध दिया। इसके बाद, एक धारदार हथियार से उसका सिर काट दिया गया।
यहां तक कि हत्या के बाद भी उन नाबालिग अपराधियों का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने अभिषेक के कटे हुए सिर से फुटबॉल की तरह खेला और फिर उसे मूला-मुठा नदी में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। जब अभिषेक घर नहीं लौटा, तो उसके माता-पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को एक पेड़ से बंधी एक लाश मिली, लेकिन उसका सिर गायब था।
पुलिस ने कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सिर नहीं मिला। तीन सप्ताह बाद, सोसाइटी के एक सिक्योरिटी गार्ड ने कुछ कुत्तों को किसी चीज पर भौंकते हुए देखा। जब उसने वहां जाकर देखा, तो उसे एक कटा हुआ सिर मिला। जांच में पुष्टि हुई कि यह सिर अभिषेक का था।
पुलिस ने इस मामले में तीन लड़कों को गिरफ्तार किया। उनमें से दो नाबालिग थे और एक 18 साल का था। पूछताछ में पता चला कि वे पहले से ही अपराधी प्रवृत्ति के थे और उनके खिलाफ पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज थी। जांच में यह भी पता चला कि एक साल पहले अभिषेक ने इनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट की थी, जिससे वे नाराज थे। इसी बदले की भावना में उन्होंने इस खौफनाक हत्या को अंजाम दिया।
दो नाबालिगों को ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया, जबकि 18 साल के युवक पर मुकदमा चला। कुछ साल बाद, उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन इनमें से एक अपराधी सूर्यकांत कामले ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।
साल 2023: एक और हत्या
साल 2023 में पुणे में एक हिस्ट्रीशीटर नितिन मस्के की हत्या हुई। यह हत्या मंगला टॉकीज के सामने बड़ी बेरहमी से की गई थी। जब पुलिस ने इस केस की जांच शुरू की, तो उन्हें एक नाम मिला – सूर्यकांत कामले।
यह वही शख्स था, जिसने 2010 में अभिषेक की हत्या की थी। रिहा होने के बाद वह पुणे के पंडित गैंग और येलिया गैंग से जुड़ गया और अपराध की दुनिया में अपना दबदबा बनाने लगा। पुलिस ने मार्च 2025 में उसे गिरफ्तार किया और उस पर सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
इस केस से यह साफ होता है कि अपराध की आदत अगर समय रहते न बदली जाए, तो अपराधी और भी खतरनाक बन जाता है। पुणे का मुंडी मर्डर केस आज भी लोगों के दिलों में डर और खौफ भर देता है।