गर्मी का मौसम आते ही कई किसान सोच में पड़ जाते हैं कि इस सीजन में खेती (Farming) से मुनाफा कैसे कमाया जाए। लेकिन अगर सही तकनीक अपनाई जाए तो यही गर्मी का सीजन लाखों की कमाई का जरिया बन सकता है। सही फसल का चुनाव और उन्नत कृषि पद्धतियों का उपयोग कर किसान हर महीने ₹1 लाख या उससे भी ज्यादा की आमदनी कर सकते हैं। गर्मी में खेती से अच्छा मुनाफा कमाने के लिए पांच प्रमुख तरीके अपनाए जा सकते हैं।
सबसे पहले जरूरी है कि पानी का सही प्रबंधन किया जाए। गर्मियों में सबसे बड़ी समस्या पानी की कमी होती है। ज्यादातर किसानों के पास सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं होता, और उन्हें सीमित समय के लिए ही पानी मिल पाता है। लेकिन अगर सही तकनीकें अपनाई जाएं, तो कम पानी में भी अच्छी पैदावार ली जा सकती है। इसके लिए ड्रिप इरिगेशन (drip irrigation) एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे पानी की 60% तक बचत की जा सकती है। मल्चिंग (mulching) का उपयोग करने से भी मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे फसल को अधिक दिनों तक पानी की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, इंटरक्रॉपिंग (intercropping) भी एक शानदार तकनीक है, जिससे एक ही सिंचाई में दो फसलों की पैदावार ली जा सकती है। उदाहरण के लिए, अगर टमाटर की फसल उगाई जा रही है तो उसके साथ धनिया की इंटरक्रॉपिंग की जा सकती है। इससे सिंचाई का पानी दोनों फसलों को मिलेगा और कम लागत में ज्यादा उत्पादन होगा।
दूसरा तरीका है, उन फसलों की खेती करना जिनका बाजार मूल्य गर्मी में अधिक होता है। कई फसलें ऐसी होती हैं जो गर्मियों में अधिक मांग में रहती हैं और जिनकी कीमत भी अधिक होती है। जैसे कि धनिया, मेथी, टमाटर और भिंडी। धनिया और मेथी कम लागत में उगाई जा सकती हैं और अगर किसी कारणवश फसल खराब भी हो जाए तो भी नुकसान कम होता है। मेथी का मंडी भाव ठंड के मुकाबले गर्मी में ज्यादा मिलता है, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा हो सकता है। टमाटर और भिंडी भी गर्मी में अच्छा रिटर्न देती हैं, लेकिन इन्हें सही समय पर उगाने की जरूरत होती है। इसलिए किसान को अपने क्षेत्र का बाजार मूल्य समझकर फसल का चुनाव करना चाहिए ताकि अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
तीसरा तरीका है, उन फसलों की नर्सरी तैयार करना जिनकी बुआई बारिश के मौसम में की जाती है। अगर मई और जून के महीने में प्याज, टमाटर, मिर्च, बैंगन और फूलगोभी की नर्सरी तैयार कर ली जाए, तो किसान बारिश के मौसम में अन्य किसानों से एक-डेढ़ महीने आगे रहेंगे और बेहतर कीमत प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए पोलीहाउस (polyhouse) या शेडनेट (shed net) का उपयोग किया जा सकता है ताकि पौधों को अधिक गर्मी से बचाया जा सके। स्प्रिंकलर (sprinkler) के जरिए नमी बनाए रखी जा सकती है और इस तरह से कम लागत में बेहतर पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे किसान फसल की बुआई जल्दी कर सकेंगे और जब फसल तैयार होगी तब बाजार में अन्य किसानों की तुलना में उन्हें अधिक कीमत मिलेगी।
चौथा तरीका यह है कि ऐसी फसलें उगाई जाएं जो एक बार लगाने के बाद कई सालों तक उत्पादन देती रहें। गुलाब और सहजन (moringa) ऐसी ही फसलें हैं जो गर्मी में भी बढ़िया उत्पादन देती हैं और हर साल कमाई का जरिया बनी रहती हैं। एक बार सहजन के पौधे लगाने के बाद सालों तक उत्पादन लिया जा सकता है और इसकी कीमत भी बाजार में अच्छी मिलती है। गर्मी के सीजन में सहजन की कीमत ₹50 प्रति किलो तक पहुंच जाती है और अगर एक पौधा 25 किलो उत्पादन देता है तो केवल 50 पौधों से ही लाखों की कमाई की जा सकती है। इसी तरह गुलाब की खेती भी बहुत लाभदायक होती है। फूलों की मांग शादी, पूजा और अन्य आयोजनों में बनी रहती है, जिससे गुलाब के फूलों की खेती से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।
पांचवां तरीका है पपीता की खेती। गर्मी के मौसम में पपीते के पौधों का ट्रांसप्लांट (transplant) किया जाता है और यह एक ऐसी फसल है जो मल्टीलेयर फार्मिंग (multilayer farming) के लिए भी उपयुक्त होती है। पपीते के साथ अदरक, मेथी और गेंदा (marigold) उगाकर कम जगह में अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। पपीता एक बार लगने के बाद लंबे समय तक फल देता है और किसानों को निरंतर मुनाफा होता रहता है। साथ ही, अदरक और गेंदे की खेती भी अतिरिक्त लाभ देती है।
इन सभी तरीकों को अपनाकर किसान गर्मी के मौसम में भी हर महीने ₹1 लाख या उससे अधिक की कमाई कर सकते हैं। यदि किसी किसान के पास अधिक भूमि और सिंचाई की बेहतर सुविधा है, तो वह इससे भी अधिक मुनाफा कमा सकता है। सही तकनीक, फसल प्रबंधन और बाजार की समझ के साथ अगर खेती की जाए तो गर्मी का मौसम भी खेती के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। किसानों को चाहिए कि वे पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक तकनीकों और फसल विविधता को अपनाएं ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें।
खेती के नए और उन्नत तरीकों को अपनाकर न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि देश की कृषि व्यवस्था भी मजबूत होगी। अगर किसान सही योजना बनाकर गर्मी के मौसम में इन पांच तकनीकों का उपयोग करते हैं, तो न केवल वे खुद की आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं बल्कि अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकते हैं। जय जवान, जय किसान!