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The Rise of Electric Vehicles: भारत और चीन में EV बाजार की धूम

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The Rise of Electric Vehicles: Surge in EV Market in India and China

दुनिया भर में बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग और भारत में EV की बिक्री के नए रिकॉर्ड चर्चा का विषय बने हुए है। इस साल की तीसरी तिमाही में दुनिया भर में EV की बिक्री में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अनुमान है कि इस साल के अंत तक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 10 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच सकती है, हालांकि इन बिक्रियों में चीन का सबसे बड़ा हिस्सा होगा। चीनी कंपनियों ने इस साल की तीसरी तिमाही में विदेशों में 1.3 लाख यूनिट्स बेची हैं, जो 2022 की इसी अवधि की तुलना में चार गुना अधिक है। चीन की वैश्विक EV बाजार में 58% हिस्सेदारी है, जबकि अमेरिका केवल 12% के साथ दूसरे स्थान पर है। हालांकि, अब जर्मनी और भारत में भी EV अपनाने की गति बढ़ रही है।

भारत में, इस साल सभी श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी आई है। डेटा के अनुसार, इस साल कुल EV बिक्री 10 लाख यूनिट्स को पार कर गई है। 12 दिसंबर तक, देश में कुल 14 लाख 3545 EV यूनिट्स रजिस्टर की गई हैं। इस अवधि के दौरान, देश में कुल 2.27 करोड़ वाहन बेचे गए हैं, यानी EV की कुल बिक्री में 6% की हिस्सेदारी है। पिछले 3 वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की तुलना करें तो, 2022 में 10 लाख से अधिक EV बेचे गए, जो कुल वाहन बिक्री का एक-पांचवां हिस्सा था, जबकि 2021 में 31,000 से अधिक EV बेचे गए, जो कुल वाहन बिक्री का एक-चौथाई था, और 2022 में 1.25 लाख से अधिक EV बेचे गए, जो कुल वाहन बिक्री का 0.67 प्रतिशत था। सरकार के अनुमान के अनुसार, EV बिक्री की वृद्धि दर प्रति वर्ष 49 प्रतिशत हो सकती है और आने वाले वर्षों में इसकी वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ सकती है।

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इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग, बाजार में उनकी बढ़ती हिस्सेदारी, और विभिन्न देशों में उनकी बिक्री के आंकड़ों के साथ-साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में नवाचारों पर भी चर्चा जोरों शोरों पर है। इसमें ECD इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग डॉक जैसे नवाचार जरुरी है, जो एक चार्जिंग स्टेशन है जिसे सार्वजनिक स्थानों पर आसानी से स्थापित किया जा सकता है और यह डिस्कॉम और उपभोक्ता को विवाद-मुक्त वास्तविक समय डेटा प्रदान करता है तथा उपभोक्ता को इस चिंता से मुक्त कर सकता है की कही गाड़ी की चार्जिंग ख़तम ना हो जाये।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग, उनके बाजार में बढ़ते प्रभाव, और उनके चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में नवाचारों ने भारत और चीन जैसे देशों में उनकी बिक्री के आंकड़ों बहुत बड़ा बदलाव किया है और ये उम्मीद है की ये बदलाव और बढ़ेगा। 

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इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इतिहास 19वीं शताब्दी के मध्य में शुरू होता है, जब पहली बार बैटरी से चलने वाले वाहनों का निर्माण हुआ था। उस समय, ये वाहन अपनी सीमित रेंज और धीमी गति के कारण ज्यादा लोकप्रिय नहीं हुए थे। हालांकि, वे शहरी क्षेत्रों में शोर और प्रदूषण कम करने के लिए एक विकल्प के रूप में उभरे। 20वीं शताब्दी के आरंभ में, पेट्रोल इंजन के विकास और सड़कों के विस्तार ने EV की लोकप्रियता को कम कर दिया।

आज, इलेक्ट्रिक वाहनों ने एक नई क्रांति की शुरुआत की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं और स्थायी ऊर्जा स्रोतों की मांग ने EV को एक व्यवहार्य और आकर्षक विकल्प बना दिया है। भारत और चीन जैसे देशों में, सरकारी सब्सिडी, बेहतर बैटरी तकनीक, और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के कारण EV की मांग में तेजी आई है। विशेष रूप से, भारत में फेम इंडिया (FAME India) योजना और चीन में नई ऊर्जा वाहन (NEV) नीतियों ने इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया है।

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भविष्य में, EV का बाजार और भी विस्तृत होने की संभावना है। बैटरी की लागत में कमी, चार्जिंग समय में सुधार, और वाहनों की रेंज में वृद्धि से EV अधिक सुलभ और आकर्षक हो जाएंगे। साथ ही, ऑटोनोमस और कनेक्टेड वाहनों के साथ एकीकरण से इलेक्ट्रिक वाहनों की क्षमता और भी बढ़ जाएगी। भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में, सरकारी नीतियां और निवेश इस क्षेत्र के विकास को और तेज करेंगे। इसके अलावा, नवीन चार्जिंग समाधान और ऊर्जा संग्रहण प्रणालियों का विकास EV को और भी टिकाऊ और व्यावहारिक बनाएगा।

अंततः, इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य उज्ज्वल और आशाजनक दिखाई देता है। जैसे-जैसे तकनीकी प्रगति होती है और वैश्विक समुदाय स्थायी परिवहन की ओर अग्रसर होता है, EV न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी एक बेहतर विकल्प बन जाएंगे। इस प्रकार, इलेक्ट्रिक वाहनों का अतीत, वर्तमान, और भविष्य नवाचार, स्थिरता, और विकास की एक निरंतर यात्रा का प्रतीक है।

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“चरैवेति चरैवेति”

हिंदी अर्थ: चलते रहो, चलते रहो।

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इस श्लोक का अर्थ है कि जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए, चाहे कोई भी परिस्थिति हो। इसे इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के संदर्भ में देखें तो, यह श्लोक उस निरंतर प्रगति और नवाचार की भावना को दर्शाता है जो EV बाजार में हो रही है। जैसे-जैसे तकनीक विकसित होती है और बाजार में नए नवाचार आते हैं, हमें भी इस परिवर्तन के साथ चलते रहना चाहिए। यह श्लोक इस बात को भी रेखांकित करता है कि चाहे चुनौतियाँ कितनी भी बड़ी क्यों न हों, हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और नवीन समाधानों की ओर बढ़ते रहना चाहिए। इस तरह, यह श्लोक EV बाजार की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं के साथ गहराई से जुड़ता है।

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