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Is Pakistan Planning an Airstrike Like India? |
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के हालिया बयान के बाद एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने यह कहा कि पाकिस्तान को अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है और तालिबान और बलूचिस्तान में स्थित विद्रोही गुटों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इस बयान ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान शायद भारत की बालाकोट स्ट्राइक जैसी कार्रवाई करना चाहता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान वाकई ऐसा कर सकता है और यदि करता है तो उसके क्या नतीजे होंगे?
बालाकोट स्ट्राइक की कहानी फरवरी 2019 में शुरू हुई, जब पुलवामा में एक आत्मघाती हमले में भारत के 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन ने किया था, जिसका सरगना मसूद अजहर है। भारत ने इस हमले का कड़ा जवाब देने का फैसला किया और पूरी योजना तैयार की। भारतीय खुफिया एजेंसियों को पता चला कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बालाकोट के पास जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा आतंकी ठिकाना है, जहां सैकड़ों आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए एयरफोर्स को आदेश दिया कि इस आतंकी ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए।
26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 फाइटर जेट्स ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में बमबारी की और आतंकियों के अड्डे को नष्ट कर दिया। इस हमले में 1000 किलो से ज्यादा विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, जिससे बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। भारत ने यह हमला इतनी सफाई से किया कि पाकिस्तान को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब तक पाकिस्तान कुछ समझ पाता, तब तक भारतीय वायुसेना के सभी विमान सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट चुके थे।
भारत की इस एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। पाकिस्तान ने अगले ही दिन 27 फरवरी को भारत के खिलाफ हवाई हमले की नाकाम कोशिश की। इस दौरान भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने अपने मिग-21 विमान से पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वह पाकिस्तान की सीमा में जा गिरे। पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया, लेकिन भारत के कूटनीतिक दबाव के कारण पाकिस्तान को 1 मार्च 2019 को अभिनंदन को बिना किसी शर्त के वापस करना पड़ा।
बालाकोट स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने दुनिया के सामने यह साबित करने की कोशिश की कि इस हमले में कुछ खास नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सैटेलाइट इमेजरी और अन्य खुफिया रिपोर्ट्स ने दिखाया कि बालाकोट में आतंकी ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए थे। इस हमले से यह संदेश गया कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और यदि कोई हमला होता है तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
अब, पाकिस्तान के सेना प्रमुख का यह कहना कि उन्हें भी इसी तरह की एयर स्ट्राइक करनी चाहिए, यह दिखाता है कि पाकिस्तान खुद को भारत के बराबर दिखाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन क्या पाकिस्तान के पास भारत जैसी क्षमताएं हैं? यह एक बड़ा सवाल है। भारत के पास आधुनिक फाइटर जेट्स, सटीक बमबारी करने वाली टेक्नोलॉजी और मजबूत खुफिया नेटवर्क है, जबकि पाकिस्तान की सेना अक्सर आंतरिक अस्थिरता, कमजोर अर्थव्यवस्था और आतंकियों के समर्थन के आरोपों से घिरी रहती है।
पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह खुद ही आतंकियों को पालता है और अब वही आतंकी उसके लिए मुसीबत बन चुके हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कई विद्रोही गुट पाकिस्तान सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। यदि पाकिस्तान इन इलाकों में एयर स्ट्राइक करता है, तो इसका परिणाम गंभीर हो सकता है क्योंकि इससे देश के भीतर ही गृहयुद्ध की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा, पाकिस्तान के लिए यह संभव नहीं है कि वह भारत की तरह एयर स्ट्राइक कर सके, क्योंकि भारत ने यह हमला अपनी आत्मरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ किया था। पाकिस्तान अगर बलूचिस्तान या अन्य इलाकों में ऐसा करता है, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि और खराब हो सकती है।
भारत और पाकिस्तान के संबंध हमेशा से तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन बालाकोट स्ट्राइक के बाद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब वह आतंकियों को बख्शेगा नहीं। पाकिस्तान चाहे जितनी भी धमकी दे, लेकिन हकीकत यही है कि भारत की सैन्य शक्ति और रणनीतिक सोच पाकिस्तान से कहीं आगे है। यही कारण है कि आज पाकिस्तान खुद आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है, जबकि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
अगर पाकिस्तान वास्तव में भारत जैसी स्ट्राइक करने की कोशिश करता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पाकिस्तान पहले से ही कई आतंरिक समस्याओं से जूझ रहा है—आर्थिक संकट, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता और विदेशी कर्ज। ऐसे में कोई भी नासमझी उसे और बड़ी मुसीबत में डाल सकती है।
आखिर में, यह साफ है कि पाकिस्तान के लिए भारत से मुकाबला करना आसान नहीं है। बालाकोट स्ट्राइक भारत की सैन्य ताकत और कूटनीतिक सफलता का प्रतीक बन चुकी है और पाकिस्तान इसे दोहराने का सिर्फ दिखावा कर सकता है, असल में ऐसा करना उसके लिए असंभव है।