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Record-Breaking Cold in Madhya Pradesh: ठंड ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जानिए हाल

NCIRN4 months ago

 

मध्य प्रदेश में इस वर्ष ठंड ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से काफी कम है। पचमढ़ी, जो प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, वहां तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। 

उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और वहां से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, जिससे ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर आ रही हैं। इन हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट की संभावना है। 

मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में दृश्यता घटकर 500 से 1000 मीटर के बीच पहुंच गई है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और कोहरे के दौरान फॉग लैंप का उपयोग करें। 

प्रदेश के अन्य शहरों में भी ठंड का प्रकोप देखा जा रहा है। मंडला में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इंदौर में 13.6 डिग्री सेल्सियस और ग्वालियर में 11.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन तापमानों से स्पष्ट है कि प्रदेश भर में ठंड का असर व्यापक है। 

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। उत्तर भारत में बर्फबारी जारी रहने से ठंडी हवाओं का प्रवाह बना रहेगा, जिससे प्रदेश में ठंड बढ़ेगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़ों का उपयोग करें और ठंड से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। 

इस अप्रत्याशित ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जा रहा है, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है। 

कृषि क्षेत्र पर भी ठंड का प्रभाव देखा जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को ठंड से बचाने के लिए उचित उपाय करें। विशेषज्ञों के अनुसार, सब्जियों और रबी की फसलों पर पाला (Frost) पड़ने का खतरा है, जिससे फसलें प्रभावित हो सकती हैं। 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर (Cold Wave) की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों में रहें और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। साथ ही, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और ठंड से बचने के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाएं। 

इस प्रकार, मध्य प्रदेश में इस वर्ष ठंड ने समय से पहले ही अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। लोगों को चाहिए कि वे सतर्क रहें और ठंड से बचने के सभी संभव उपाय करें, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।  

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