प्रेम संबंध: जुनून की हद तक प्यार और तकरार
इस युति का सबसे गहरा असर व्यक्ति की लव लाइफ और रिश्तों पर पड़ता है। ऐसे लोगों के लिए प्यार में ‘धीरे-धीरे’ कुछ नहीं होता; उन्हें अक्सर ‘लव एट फर्स्ट साइट’ (पहली नजर का प्यार) हो जाता है। वे अपने रिश्तों में बहुत ज्यादा तीव्र (Intense) होते हैं। जब वे किसी से प्रेम करते हैं, तो पूरी शिद्दत से करते हैं और अपने साथी से भी वैसे ही जुनून की उम्मीद रखते हैं। मंगल की ऊर्जा शुक्र की इच्छाओं में घी डालने का काम करती है, जिससे उनकी रोमांटिक भावनाएं बहुत प्रबल हो जाती हैं। वे अपने पार्टनर को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। लेकिन, इस सिक्के का एक दूसरा पहलू भी है। मंगल ‘युद्ध’ का भी देवता है, इसलिए जहाँ इतना ज्यादा प्रेम होता है, वहाँ तकरार भी उतनी ही बड़ी होती है। इनके रिश्तों में ईगो (Ego) की टक्कर और झगड़े बहुत जल्दी होते हैं। इनका प्रेम संबंध एक रोलर-कोस्टर की तरह होता है—कभी बहुत ज्यादा प्यार, तो कभी भयंकर गुस्सा। अगर मंगल खराब स्थिति में हो, तो यह युति रिश्तों में हिंसा या धोखे का कारण भी बन सकती है।
चरित्र का सवाल: क्या यह युति इंसान को भटकाती है?
शुक्र-मंगल युति पर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इससे व्यक्ति का चरित्र खराब होता है? यह एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है और इसका जवाब सीधा ‘हाँ’ या ‘ना’ में नहीं दिया जा सकता। यह सच है कि यह युति व्यक्ति के अंदर कामेच्छा (Desire) और भौतिक सुखों की भूख को बहुत बढ़ा देती है। उनके पास प्रेम प्रस्तावों की कमी नहीं होती, इसलिए भटकने के अवसर भी ज्यादा होते हैं। अगर कुंडली में राहु का प्रभाव भी इस युति पर पड़ जाए या यह युति किसी खराब घर में बन रही हो, तो व्यक्ति एक से अधिक रिश्तों में पड़ सकता है या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स (Extra-Marital Affairs) की ओर झुक सकता है। लेकिन, यदि इस युति पर देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) की शुभ दृष्टि पड़ जाए, तो यही ऊर्जा एक पवित्र और समर्पित प्रेम में बदल जाती है। ऐसा व्यक्ति अपनी सारी ऊर्जा किसी कला, संगीत या अपने जीवनसाथी के प्रति समर्पण में लगा देता है। इसलिए, सिर्फ युति देखकर किसी के चरित्र पर शक करना गलत होगा; यह देखना जरूरी है कि उस ऊर्जा का इस्तेमाल किस दिशा में हो रहा है।
ऊर्जा को संतुलित करने के उपाय
इस जबरदस्त ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए संतुलन बहुत जरूरी है, वरना यह व्यक्ति को खुद ही जला सकती है। अगर आपको लगता है कि आपके अंदर गुस्सा या कामुकता बहुत बढ़ रही है, तो आपको अपनी ऊर्जा को शारीरिक गतिविधियों में लगाना चाहिए। जिम जाना, स्पोर्ट्स खेलना या डांस करना इस युति के लिए सबसे अच्छा उपाय है, क्योंकि इससे मंगल की अतिरिक्त ऊर्जा बाहर निकल जाती है और शुक्र को कलात्मक अभिव्यक्ति मिलती है। महिलाओं का सम्मान करना शुक्र को मजबूत करता है और हनुमान जी की उपासना मंगल को शांत करती है। अगर आप अविवाहित हैं, तो जल्दबाजी में रिश्ते जोड़ने से बचें और अपने पार्टनर को समझने के लिए समय लें। सफेद रंग के कपड़े पहनना और इत्र (Perfume) का प्रयोग करना शुक्र को सकारात्मक बल देता है, जिससे मन शांत रहता है और आकर्षण बना रहता है।














