2026 Ekadashi Dates : वर्ष 2026 एकादशी व्रत संपूर्ण सूची: विक्रम संवत 2082-2083

By NCI
On: December 7, 2025 1:01 PM

2026 Ekadashi Dates : सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में एकादशी व्रत का महत्त्व अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र माना गया है। यह केवल एक उपवास नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि और भगवान विष्णु की आराधना का एक महापर्व है जो हर माह दो बार आता है। वर्ष 2026, जो कि हिंदू पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 2082 और 2083 के अंतर्गत आता है, अपने आप में विशेष है क्योंकि इस वर्ष भक्तों को सामान्य एकादशियों के साथ-साथ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की एकादशियों का भी लाभ मिलने वाला है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है, मन को शांति मिलती है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। चाहे वह कृष्ण पक्ष की एकादशी हो या शुक्ल पक्ष की, दोनों का अपना-अपना विशिष्ट महत्त्व है। साल की शुरुआत पौष-माघ महीने की षटतिला एकादशी से हो रही है और समापन मार्गशीर्ष माह की मोक्षदा एकादशी के साथ होगा।

भक्तों के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक होता है कि व्रत कब शुरू हो रहा है और कब समाप्त, ताकि वे सही समय पर पूजा-पाठ और पारण कर सकें। वर्ष 2026 में कई ऐसे संयोग बन रहे हैं जहाँ वैष्णव और स्मार्त संप्रदाय के लिए तिथियां एक साथ या अलग-अलग हो सकती हैं, जैसे कि जुलाई में योगिनी एकादशी और नवंबर में देवउठनी एकादशी के समय देखा जा सकता है। इसके अलावा, इस वर्ष ‘पद्मिनी’ और ‘परमा’ जैसी दुर्लभ एकादशियां भी आ रही हैं जो ज्येष्ठ माह के दौरान पड़ रही हैं, जिससे इस साल का आध्यात्मिक महत्त्व और भी बढ़ जाता है। नीचे दी गई तालिका में पूरे वर्ष की तिथियों, वार, पक्ष और शुभ मुहूर्त का विवरण बहुत ही सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है ताकि आप अपनी पूजा की योजना पहले से बना सकें।

वर्ष 2026 एकादशी व्रत तालिका (2026 Ekadashi Calendar Table)

नीचे दी गई सारणी में जनवरी से दिसंबर 2026 तक की सभी एकादशियों का विवरण, उनके प्रारंभ और समापन समय के साथ दिया गया है:

माह (Month)व्रत की तिथि और दिनएकादशी का नामपक्ष (Paksha)तिथि का समय (आरंभ और समापन)
जनवरी14 जनवरी, बुधवारषटतिला एकादशीमाघ, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 13 जन, 15:17


समाप्त: 14 जन, 17:52

29 जनवरी, गुरुवारजया एकादशीमाघ, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 28 जन, 16:35


समाप्त: 29 जन, 13:55

फरवरी13 फरवरी, शुक्रवारविजया एकादशीफाल्गुन, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 12 फर, 12:22


समाप्त: 13 फर, 14:25

27 फरवरी, शुक्रवारआमली (आमलकी) एकादशीफाल्गुन, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 27 फर, 00:33


समाप्त: 27 फर, 22:32

मार्च15 मार्च, रविवारपापमोचिनी एकादशीचैत्र, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 14 मार्च, 08:10


समाप्त: 15 मार्च, 09:16

29 मार्च, रविवारकामदा एकादशीचैत्र, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 28 मार्च, 08:45


समाप्त: 29 मार्च, 07:46

अप्रैल13 अप्रैल, सोमवारवरुथिनी एकादशीवैशाख, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 13 अप्रैल, 01:16


समाप्त: 14 अप्रैल, 01:08

27 अप्रैल, सोमवारमोहिनी एकादशीवैशाख, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 26 अप्रैल, 18:06


समाप्त: 27 अप्रैल, 18:15

मई13 मई, बुधवारअपरा एकादशीज्येष्ठ, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 12 मई, 14:52


समाप्त: 13 मई, 13:29

27 मई, बुधवारपद्मिनी एकादशी (उन्मीलिनी महाद्वादशी)ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 26 मई, 05:10


समाप्त: 27 मई, 06:21

जून11 जून, गुरुवारपरमा एकादशीज्येष्ठ, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 11 जून, 00:57


समाप्त: 11 जून, 22:36

25 जून, गुरुवारनिर्जला एकादशीज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 24 जून, 18:12


समाप्त: 25 जून, 20:09

जुलाई10 जुलाई, शुक्रवारयोगिनी एकादशीआषाढ़, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 10 जुलाई, 08:16


समाप्त: 11 जुलाई, 05:22

11 जुलाई, शनिवारगौण/वैष्णव योगिनी एकादशीआषाढ़, कृष्ण पक्ष(उपरोक्त समय अनुसार)
25 जुलाई, शनिवारदेवशयनी एकादशीआषाढ़, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 24 जुलाई, 09:12


समाप्त: 25 जुलाई, 11:34

अगस्त9 अगस्त, रविवारकामिका एकादशीश्रावण, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 08 अगस्त, 13:59


समाप्त: 09 अगस्त, 11:04

23 अगस्त, रविवारश्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 23 अगस्त, 02:00


समाप्त: 24 अगस्त, 04:18

24 अगस्त, सोमवारवैष्णव श्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण, शुक्ल पक्ष(वंजुली महाद्वादशी)
सितंबर7 सितंबर, सोमवारअजा एकादशीभाद्रपद, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 06 सितं, 19:29


समाप्त: 07 सितं, 17:03

22 सितंबर, मंगलवारपार्श्व एकादशीभाद्रपद, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 21 सितं, 20:00


समाप्त: 22 सितं, 21:43

अक्टूबर6 अक्टूबर, मंगलवारइंदिरा एकादशीआश्विन, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 06 अक्टू, 02:07


समाप्त: 07 अक्टू, 00:34

22 अक्टूबर, गुरुवारपापांकुशा एकादशीआश्विन, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 21 अक्टू, 14:11


समाप्त: 22 अक्टू, 14:47

नवंबर5 नवंबर, गुरुवाररमा एकादशीकार्तिक, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 04 नवं, 11:03


समाप्त: 05 नवं, 10:35

20 नवंबर, शुक्रवारदेवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशीकार्तिक, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 20 नवं, 07:15


समाप्त: 21 नवं, 06:31

21 नवंबर, शनिवारगौण/वैष्णव देवउठनी एकादशीकार्तिक, शुक्ल पक्ष(गुरुवायुर एकादशी)
दिसंबर4 दिसंबर, शुक्रवारउत्पन्ना एकादशीमार्गशीर्ष, कृष्ण पक्ष

आरंभ: 03 दिसं, 23:03


समाप्त: 04 दिसं, 23:44

20 दिसंबर, रविवारमोक्षदा (वैकुंठ) एकादशीमार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष

आरंभ: 19 दिसं, 22:09


समाप्त: 20 दिसं, 20:14

इस सूची को सुरक्षित रखें ताकि वर्ष 2026 में आप भगवान विष्णु की आराधना बिना किसी बाधा के कर सकें। विशेष रूप से ज्येष्ठ मास में पड़ने वाली पद्मिनी और परमा एकादशी, तथा जुलाई और नवंबर में पड़ने वाली वैष्णव तिथियों का ध्यान रखें। समय और मुहूर्त का पालन करते हुए व्रत रखने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का वास होगा।

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