2025 में भारत सरकार ने ट्रैफिक नियमों को और सख्त बना दिया है। इन नए नियमों के तहत ट्रैफिक उल्लंघनों पर भारी जुर्माना लगाया गया है, जो पहले की तुलना में 10 गुना तक बढ़ाया गया है। सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।
ड्रंक ड्राइविंग पर सख्ती
ड्रंक ड्राइविंग के मामलों में पहले ₹1,000 से ₹1,500 तक का जुर्माना था, जिसे अब ₹10,000 कर दिया गया है। साथ ही, पहली बार अपराध करने पर 6 महीने की जेल और दूसरी बार अपराध करने पर 2 साल की जेल हो सकती है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि नशे में गाड़ी चलाने के कारण देश में कई जानलेवा दुर्घटनाएँ होती हैं।
हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य
हेलमेट नहीं पहनने पर जुर्माना ₹100 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है। साथ ही, तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हो सकता है। सीट बेल्ट न लगाने पर पहले ₹100 का जुर्माना था, जिसे अब ₹1,000 कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने से गंभीर चोटों और मौतों को कम किया जा सकता है।
मोबाइल फोन का इस्तेमाल और लाइसेंस नियम
गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पहले ₹500 का जुर्माना था, जिसे अब ₹5,000 कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर जुर्माना ₹500 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया है। सरकार चाहती है कि केवल प्रशिक्षित और लाइसेंसधारी लोग ही वाहन चलाएँ ताकि दुर्घटनाएँ कम हों।
बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र अनिवार्य
वाहन के लिए बीमा न होने पर पहली बार ₹2,000 और दूसरी बार ₹4,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने पर ₹10,000 का भारी जुर्माना और 6 महीने की जेल हो सकती है। यह नियम वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए हैं।
ओवरस्पीडिंग और ट्रिपल राइडिंग पर कड़ा कानून
ओवरस्पीडिंग के मामलों में जुर्माना ₹500 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दिया गया है। दोपहिया वाहन पर तीन लोगों के बैठने (ट्रिपल राइडिंग) पर पहले ₹100 का जुर्माना था, जिसे अब ₹1,000 कर दिया गया है।
एम्बुलेंस और पुलिस वाहन को रास्ता न देने पर दंड
अगर कोई व्यक्ति एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या पुलिस वाहन को रास्ता नहीं देता है, तो अब उसे ₹10,000 का भारी जुर्माना देना होगा। इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन सेवाओं को बाधा न पहुँचे।
ओवरलोडिंग और नाबालिगों द्वारा ड्राइविंग
ओवरलोडिंग के मामले में जुर्माना ₹2,000 से बढ़ाकर ₹20,000 कर दिया गया है, और हर अतिरिक्त टन पर ₹2,000 का अतिरिक्त जुर्माना लगेगा। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर पहले ₹5,000 का जुर्माना था, जिसे अब ₹25,000 कर दिया गया है। इसके अलावा, वाहन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा, और माता-पिता या वाहन मालिक को 3 साल की जेल हो सकती है। नाबालिग को 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा।
नए नियमों के प्रभाव और सरकार की जिम्मेदारी
सरकार को उम्मीद है कि इन कड़े नियमों से 20-30% तक ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में कमी आएगी। हालाँकि, कई लोगों का मानना है कि केवल जुर्माना बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी। सरकार को सड़कों की स्थिति सुधारने, ट्रैफिक सिग्नल को सही करने और नागरिकों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए।
2025 के नए ट्रैफिक नियम निश्चित रूप से सड़क सुरक्षा में सुधार ला सकते हैं, लेकिन सरकार को ट्रैफिक व्यवस्था की अन्य समस्याओं का भी समाधान करना चाहिए। सड़कें सुरक्षित होंगी तभी ये कड़े नियम सही मायनों में प्रभावी साबित होंगे।