Aaj ka Panchang- आज दिनांक 22 फरवरी 2026, दिन रविवार है। हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, यह विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्ववसु) है। आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 11:09 बजे तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ हो जाएगी। ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से आज का दिन दिन के उजाले में अत्यंत मंगलकारी है। आज सुबह 06:54 से शाम 05:54 (17:54) तक ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ बना हुआ है। यह योग अपने नाम के अनुरूप सभी कार्यों में सिद्धि और सफलता दिलाने वाला माना जाता है; विशेषकर नई खरीदारी, निवेश या किसी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए यह समय सर्वोत्तम है। इसके तुरंत बाद शाम 05:54 से ‘रवि योग’ शुरू हो जाएगा, जो कई प्रकार के दोषों का नाश करता है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि शाम 05:54 तक ‘अश्विनी’ नक्षत्र होने के कारण ‘गंड मूल’ दोष भी प्रभावी रहेगा, इसलिए इस अवधि में जन्मे बच्चों की मूल शांति अवश्य करानी चाहिए।
धार्मिक अनुष्ठानों और शिव आराधना के लिए आज का दिन अद्भुत है। आज सुबह 11:09 बजे तक भगवान शिव का वास ‘कैलाश’ पर है, और उसके बाद पूरे दिन वे ‘नंदी’ पर विराजमान रहेंगे। शास्त्रों में शिव जी का कैलाश और नंदी पर वास रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव परिवार की पूजा के लिए सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है। इससे सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, आज अग्निवास ‘पृथ्वी’ पर है। पृथ्वी पर अग्नि का वास होने से आज किए गए हवन, यज्ञ और नवग्रह शांति के अनुष्ठान पूर्ण रूप से सफल और शुभ फल देने वाले होंगे। लेकिन शाम ढलने के बाद सावधानी बरतनी होगी; तमिल पंचांग के अनुसार शाम 05:54 के बाद ‘मरण योग’ (Marana Yoga) शुरू हो रहा है। इसलिए कोई भी महत्वपूर्ण, नया या मांगलिक कार्य शाम 6 बजे से पहले ही संपन्न कर लेना चाहिए। चंद्रमा आज पूरे दिन अपनी मित्र राशि मेष (Aries) में गोचर करेंगे। सूर्योदय सुबह 06:54 पर और सूर्यास्त शाम 06:27 (18:27) पर होगा। रविवार होने के कारण आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है, अतः पश्चिम दिशा की लंबी यात्रा से बचें।
विस्तृत पंचांग (22 फरवरी 2026) – उज्जैन, भारत
| विवरण | समय/स्थिति |
| दिनांक | 22 फरवरी 2026 |
| दिन | रविवार (Sunday) |
| तिथि | पंचमी (सुबह 11:09 तक), फिर षष्ठी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष (फाल्गुन मास) |
| नक्षत्र | अश्विनी (शाम 17:54 तक), फिर भरणी |
| योग | शुक्ल (दोपहर 13:09 तक), फिर ब्रह्म |
| करण | बालव (11:09 तक), कौलव (रात 22:10 तक) |
| सूर्य राशि | कुंभ (Kumbha) |
| चंद्र राशि | मेष (Mesha) – (पूरा दिन) |
| ऋतु | वसंत (Spring) |
| अयन | उत्तरायण |
सूर्य और चंद्रमा का समय
| घटना | समय |
| सूर्योदय | 06:54 AM |
| सूर्यास्त | 18:27 PM |
| चन्द्रोदय | 09:46 AM (सुबह) |
| चंद्रास्त | 23:18 PM (रात 11:18) |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:15 AM से 06:05 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:17 PM से 01:04 PM (रविवार को अत्यंत शुभ) |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | सुबह 06:54 AM से शाम 17:54 PM (सर्वश्रेष्ठ समय) |
| रवि योग | शाम 17:54 PM से अगले दिन सुबह 06:54 AM तक |
| अमृत काल | सुबह 11:04 AM से 12:35 PM |
| विजय मुहूर्त | 14:36 PM से 15:22 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:24 PM से 18:49 PM |
| शिव वास | कैलाश पर (11:09 AM तक), फिर नंदी पर (अभिषेक के लिए शुभ) |
| अग्निवास | पृथ्वी पर (हवन और यज्ञ के लिए शुभ) |
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| राहुकाल | 17:00 PM से 18:27 PM (शुभ कार्य न करें) |
| यमगण्ड | 12:41 PM से 14:07 PM |
| गुलिक काल | 15:34 PM से 17:00 PM |
| दुर्मुहूर्त | 16:54 PM से 17:40 PM |
| गंड मूल | सुबह 06:54 AM से शाम 17:54 PM तक (अश्विनी नक्षत्र) |
| मरण योग | शाम 17:54 PM के बाद शुरू (शुभ कार्य वर्जित) |
| बाण (मृत्यु) | देर रात 02:01 AM (Feb 23) से शुरू |
| दिशाशूल | पश्चिम (West) |