Aaj ka Panchang- आज दिनांक 20 फरवरी 2026, दिन शुक्रवार है। हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, यह विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्ववसु) है। आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दोपहर 02:38 (14:38) तक रहेगी, उसके बाद चतुर्थी तिथि (विनायक चतुर्थी) शुरू हो जाएगी। आज का दिन ज्योतिषीय घटनाओं के लिहाज से बहुत ही खास है, क्योंकि इसमें कुछ बड़े शुभ और अशुभ योगों का मिला-जुला प्रभाव देखने को मिलेगा। सबसे पहले ध्यान देने वाली बात यह है कि आज पूरा दिन ‘पंचक’ (Panchak) प्रभावी है। चंद्रमा के मीन राशि में होने के कारण पंचक का प्रभाव बना रहेगा, इसलिए दक्षिण दिशा की यात्रा, चारपाई बुनना या लकड़ी का काम शुरू करने से बचें।
शाम के बाद आकाशीय स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। रात 08:07 (20:07) तक ‘उत्तर भाद्रपद’ नक्षत्र है, लेकिन जैसे ही ‘रेवती’ नक्षत्र शुरू होगा, एक साथ ‘गंड मूल’ दोष भी लग जाएगा। रेवती नक्षत्र गंड मूल की श्रेणी में आता है, इसलिए इस दौरान जन्मे बच्चों की मूल शांति करानी पड़ती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि ठीक रात 08:07 बजे से ही ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’, ‘अमृत सिद्धि योग’ और ‘रवि योग’ का त्रिवेणी संगम भी शुरू हो जाएगा। यह एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति है। दिन के समय शिव वास की बात करें तो दोपहर 02:38 तक भगवान शिव ‘सभा’ में विराजमान हैं, और उसके बाद ‘क्रीड़ा’ (Krida) में चले जाएंगे। आज अग्निवास का समय बहुत महत्वपूर्ण है—दोपहर 02:38 तक अग्नि पाताल में है (इस दौरान हवन न करें), लेकिन दोपहर 02:38 के बाद अग्नि ‘पृथ्वी’ पर आ जाएगी, तब हवन और यज्ञ करना बहुत ही शुभ फलदायी रहेगा। देर रात 01:51 (Feb 21) से पृथ्वी लोक की भद्रा भी शुरू हो जाएगी। शुभ कार्यों के लिए ‘अभिजित मुहूर्त’ दोपहर 12:18 से 01:04 बजे तक उपलब्ध है। सूर्योदय सुबह 06:56 पर और सूर्यास्त शाम 06:26 (18:26) पर होगा। आज दिशाशूल पश्चिम दिशा (West) में है।
विस्तृत पंचांग (20 फरवरी 2026) – उज्जैन, भारत
| विवरण | समय/स्थिति |
| दिनांक | 20 फरवरी 2026 |
| दिन | शुक्रवार (Friday) |
| तिथि | तृतीया (दोपहर 14:38 तक), फिर चतुर्थी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष (फाल्गुन मास) |
| नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद (रात 20:07 तक), फिर रेवती (गंड मूल) |
| योग | साध्य (शाम 18:23 तक), फिर शुभ |
| करण | गर (14:38 तक), वणिज (01:51 AM तक), फिर भद्रा |
| सूर्य राशि | कुंभ (Kumbha) |
| चंद्र राशि | मीन (Meena) – (पूरा दिन) |
| ऋतु | वसंत (Spring) |
| अयन | उत्तरायण |
सूर्य और चंद्रमा का समय
| घटना | समय |
| सूर्योदय | 06:56 AM |
| सूर्यास्त | 18:26 PM |
| चन्द्रोदय | 08:32 AM (सुबह) |
| चंद्रास्त | 21:15 PM (रात 09:15) |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:16 AM से 06:06 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:18 PM से 01:04 PM (शुक्रवार को उत्तम) |
| विजय मुहूर्त | 14:36 PM से 15:22 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:23 PM से 18:48 PM |
| अमृत काल | दोपहर 15:28 PM से 17:01 PM (श्रेष्ठ समय) |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | रात 20:07 PM से अगली सुबह 06:55 AM तक |
| अमृत सिद्धि योग | रात 20:07 PM से अगली सुबह 06:55 AM तक |
| रवि योग | रात 20:07 PM से अगली सुबह 06:55 AM तक |
| अग्निवास (शुभ) | पृथ्वी पर (दोपहर 14:38 PM के बाद हवन करें) |
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| राहुकाल | 11:15 AM से 12:41 PM (शुभ कार्य न करें) |
| यमगण्ड | 15:33 PM से 16:59 PM |
| गुलिक काल | 08:22 AM से 09:48 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:14 AM से 10:00 AM और 13:04 PM से 13:50 PM |
| पंचक | पूरा दिन और रात (सतर्क रहें) |
| गंड मूल | रात 20:07 PM से शुरू (रेवती नक्षत्र) |
| भद्रा | देर रात 01:51 AM (Feb 21) से शुरू (पृथ्वी लोक) |
| बाण (रोग) | देर रात 02:23 AM (Feb 21) से शुरू |
| दिशाशूल | पश्चिम (West) |