आज का पंचांग (Panchang) — 18 नवंबर 2025

By NCI
On: November 17, 2025 6:47 PM

आज का पंचांग (Panchang) — आज दिनांक 18 नवंबर 2025, दिन मंगलवार है। यह दिन भगवान हनुमान, माता दुर्गा और मंगल ग्रह को समर्पित है। आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है।

पंचांग के पाँच अंग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण)

पंचांग के पांचों अंगों का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:

पंचांग अंग विवरण समय सीमा
तिथि चतुर्दशी (चौदहवीं) अगले दिन 19 नवंबर को प्रातः 07:44 बजे तक।
वार मंगलवार पूरे दिन
नक्षत्र स्वाति (Swati) सुबह 06:14 बजे तक। इसके बाद विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
योग आयुष्मान (Ayushman) दोपहर 12:44 बजे तक। इसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा।
करण वणिज (Vanija) रात्रि 10:17 बजे तक। इसके बाद विष्टि/भद्रा करण लगेगा।

☀️ चंद्र और सूर्य की स्थिति

आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति इस प्रकार रहेगी:

विवरण समय
सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे
सूर्यास्त सायं 05:37 बजे
सूर्य राशि वृश्चिक राशि में
चंद्र राशि तुला राशि में (दोपहर 12:28 बजे तक)। इसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश।

🌟 शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए इन मुहूर्तों को सबसे उत्तम माना जाता है:

मुहूर्त समय महत्व
ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:46 बजे से 05:39 बजे तक ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47 बजे से 12:30 बजे तक दिन का सबसे शुभ मुहूर्त, सभी नए कार्यों के लिए उत्तम।
विजय मुहूर्त दोपहर 01:57 बजे से 02:41 बजे तक सफलता और कानूनी मामलों के लिए शुभ।
रवि योग प्रातः 06:33 बजे से सुबह 07:44 बजे तक सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला।

⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)

इन समयों में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:

अशुभ काल समय महत्व
राहु काल दोपहर 02:55 बजे से 04:16 बजे तक इस समय में कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
यमगण्ड प्रातः 09:23 बजे से 10:46 बजे तक यात्रा, नए व्यापार आदि शुरू करने के लिए अशुभ।
दुर्मुहूर्त प्रातः 08:52 बजे से 09:35 बजे तक और रात्रि 10:59 बजे से 11:53 बजे तक वाद-विवाद या महत्वपूर्ण निर्णय से बचें।
दिशा शूल उत्तर दिशा में यात्रा से बचें या गुड़ खाकर निकलें।

💫 आज के विशेष योग और महत्व

  1. हनुमान पूजा: मंगलवार का दिन होने के कारण, भगवान हनुमान की पूजा करना, सुंदरकांड का पाठ करना और सिंदूर चढ़ाना अत्यंत शुभ होता है।

  2. रवि योग: सुबह के समय यह शुभ योग कार्य में सफलता दिलाने वाला है।

  3. चंद्र गोचर: दोपहर में चंद्रमा का आपकी राशि से आठवें भाव (वृश्चिक) में प्रवेश होगा, इसलिए दोपहर बाद आपको अपने स्वास्थ्य और जोखिम भरे कार्यों के प्रति अधिक सचेत रहना होगा।

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