By- Dhanvansha Pandit via NCI
आज का पंचांग (Panchang) — 05 नवंबर 2025 के पंचांग की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है। इस दिन का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है क्योंकि कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि है, जो शाम 06:48 बजे तक रहेगी। साथ ही यह दिन कार्तिक पूर्णिमा के साथ देव दिवाली और गुरु नानक जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो इसे विशेष महत्व देता है। इस दिन के पंचांग की सभी महत्वपूर्ण जानकारियां ठीक से वेरिफाई की गई हैं।
05 नवंबर 2025 का पंचांग
तिथि
कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा, शाम 06:48 तक रहेगी।
इसके बाद मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी।
वार
बुधवार
नक्षत्र
अश्विनी नक्षत्र सुबह 09:40 बजे तक रहेगा, उसके बाद भरणी नक्षत्र प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह 06:34 तक रहेगा।
योग
सिद्धि योग सुबह 11:28 बजे तक रहेगा।
इसके बाद व्यतीपात योग प्रारंभ होगा।
करण
विष्टि करण सुबह 08:44 बजे तक।
बव करण शाम 06:48 बजे तक रहेगा।
उसके बाद बालव करण लगेगा।
सूर्य और चंद्र ग्रह
सूर्य तुला राशि में स्थित होगा।
चंद्रमा मेष राशि में रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय सुबह 06:36 बजे होगा।
सूर्यास्त शाम 05:33 बजे होगा।
चन्द्रोदय
चन्द्रोदय शाम 05:11 बजे होगा।
राहुकाल और अन्य काल
राहुकाल दोपहर 12:04 बजे से 01:27 बजे तक रहेगा।
यमगंड सुबह 07:58 बजे से 09:20 बजे तक रहेगा।
गुलिक सुबह 10:42 बजे से 12:04 बजे तक रहेगा।
अमृतकाल सुबह 06:36 बजे से 07:58 बजे तक रहेगा।
भद्राकाल सुबह 06:36 बजे से 08:44 बजे तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से 12:26 बजे तक रहेगा।
अन्य महत्वपूर्ण पर्व व अवसर
आज देव दिवाली मनाई जाएगी, जिसमें भगवान शिव की पूजा की जाती है और दीप जलाए जाते हैं।
गुरु नानक जयंती भी आज है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान व दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
05 नवंबर 2025 के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:51 से 05:43 बजे तक।
स्नान-दान मुहूर्त: सुबह 04:51 से 05:43 बजे तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 से 02:38 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:33 से 05:59 बजे तक।
निशिथ काल (रात्रि समय): रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक।
पंचांग के अनुसार सलाह और विशेष बातें
कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करना फलदायी रहता है।
देव दिवाली का अवसर शिव पूजा और दीपक प्रज्वलित करने का मंगलमय समय है।
इस दिन गुरुनानक देव जयंती भी होने के कारण धार्मिक आयोजन विशेष होते हैं।
राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य न करें।
बुध और शुक्र की स्थिति शुभ फल देने वाली है, स्वास्थय और आर्थिक स्थिति के लिए अनुकूल संकेत हैं।








