Lakshmi Narayan Yog : वैदिक ज्योतिष में हजारों प्रकार के योग बताए गए हैं, लेकिन धन, विलासिता और कला के मामले में ‘लक्ष्मी नारायण योग’ का कोई मुकाबला नहीं है। यह योग तब बनता है जब कुंडली के किसी शुभ भाव में ‘बुध’ (Mercury) और ‘शुक्र’ (Venus) एक साथ विराजमान होते हैं। ज्योतिष में शुक्र को ‘धन’, ‘लग्जरी’, ‘रोमांस’ और ‘सौंदर्य’ का कारक माना जाता है, जबकि बुध ‘बुद्धि’, ‘व्यापार’, ‘तर्क’ और ‘वाणी’ का कारक है। अब जरा सोचिए, जब इंसान की बुद्धि (बुध) को धन और कला (शुक्र) का साथ मिल जाए, तो जीवन कितना खूबसूरत हो जाएगा। इसी अद्भुत मिलन को भगवान विष्णु (नारायण) और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद माना जाता है, इसलिए इसका नाम लक्ष्मी नारायण योग रखा गया है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग मजबूत स्थिति में होता है, वह कभी भी गरीबी या अभाव में नहीं जीता। ऐसे लोग स्वभाव से बहुत ही सौम्य, आकर्षक और हंसमुख होते हैं। उनकी पर्सनालिटी में एक ऐसा चुंबकीय आकर्षण होता है कि लोग उनसे बात करना पसंद करते हैं। वे जानते हैं कि अपनी बातों और अपनी कला के दम पर दुनिया को कैसे झुकाना है और पैसा कैसे कमाना है।
करियर और लाइफस्टाइल: राजा जैसा जीवन जीने की कला
इस योग का सबसे गहरा असर व्यक्ति के करियर और रहन-सहन पर दिखाई देता है। लक्ष्मी नारायण योग वाले लोग अक्सर उन क्षेत्रों में अपार सफलता पाते हैं जहाँ ‘क्रिएटिविटी’ और ‘दिमाग’ दोनों की जरूरत होती है। ये लोग बेहतरीन कलाकार, अभिनेता, सिंगर, लेखक, मीडिया पर्सनालिटी या बड़े बिजनेसमैन बनते हैं। चूँकि बुध ‘व्यापार’ है और शुक्र ‘पैसा’, इसलिए ये लोग मिट्टी को भी हाथ लगा दें तो वह सोना बन जाती है। इन्हें अच्छे कपड़े पहनने, महंगे इत्र लगाने, आलीशान गाड़ियों में घूमने और सजावट वाली जगहों पर रहने का बहुत शौक होता है। वे जीवन को सिर्फ काटते नहीं हैं, बल्कि उसका पूरा आनंद लेते हैं। इनकी वाणी में सरस्वती का वास होता है और जेब में लक्ष्मी का। अक्सर देखा गया है कि अमिताभ बच्चन जैसी महान हस्तियों और कई अरबपतियों की कुंडली में यह योग मौजूद होता है, जो उन्हें अपनी कला के माध्यम से अकूत संपत्ति और विश्वव्यापी प्रसिद्धि दिलाता है। इनका घर हमेशा सुख-सुविधाओं से भरा रहता है और समाज में इनकी छवि एक रईस और संभ्रांत व्यक्ति की होती है।
सावधान: कब यह योग नहीं देता कोई फल?
अक्सर लोग अपनी कुंडली में शुक्र और बुध को साथ देखकर खुश हो जाते हैं कि वे करोड़पति बनेंगे, लेकिन उन्हें इसका फल नहीं मिलता। इसके पीछे का कारण समझना बहुत जरूरी है। यह योग तभी अपना पूर्ण प्रभाव दिखाता है जब यह केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (5, 9) भावों में बने और दोनों ग्रहों की डिग्री (Bal) मजबूत हो। अगर बुध या शुक्र में से कोई भी ग्रह अस्त (Combust) है, यानी सूर्य के बहुत करीब है, तो यह योग अपना 80% असर खो देता है। इसके अलावा, अगर यह युति मीन राशि में बन रही हो, तो वहां बुध ‘नीच’ का हो जाता है, जिससे व्यक्ति के फैसले गलत हो सकते हैं, भले ही शुक्र वहां उच्च का हो। वहीं, कन्या राशि में शुक्र ‘नीच’ का हो जाता है, जिससे व्यक्ति के पास पैसा तो आता है लेकिन वह भोग-विलास में बर्बाद हो सकता है। अगर राहु या केतु जैसे पापी ग्रह इस युति को देख लें, तो व्यक्ति धन तो कमाता है लेकिन गलत रास्तों (Scam या Fraud) से, जो अंत में उसे मुसीबत में डाल देता है। इसलिए, खुश होने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी से ग्रहों की ताकत जरूर चेक करवानी चाहिए।
इस राजयोग को एक्टिवेट करने के अचूक उपाय
अगर आपकी कुंडली में यह योग है और आप चाहते हैं कि यह आपको छप्पर फाड़ के धन दे, तो आपको माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों को प्रसन्न रखना होगा। सबसे सरल और शक्तिशाली उपाय है—श्री सूक्तम (Sri Suktam) का पाठ करना। शुक्रवार के दिन सफेद कपड़े पहनना और इत्र लगाना शुक्र को बहुत बलवान बनाता है। वहीं, बुधवार के दिन गाय को हरी घास खिलाना और भगवान गणेश की पूजा करना बुध की बुद्धि को तीक्ष्ण करता है। अपनी बहन, बुआ और घर की महिलाओं का सम्मान करना इस योग की सबसे बड़ी चाबी है। अगर आप महिलाओं का अपमान करते हैं, तो आपका शुक्र खराब हो जाएगा और यह राजयोग तुरंत निष्फल हो जाएगा। खुद को हमेशा साफ-सुथरा रखें, फटे-पुराने कपड़े न पहनें और अपने घर को सजाकर रखें। हीरा (Diamond) या पन्ना (Emerald) रत्न धारण करना भी (ज्योतिषीय सलाह पर) इस योग की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है, जिससे धन का प्रवाह (Cash flow) जीवन में कभी नहीं रुकता।
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