New Year 2026 : मरने के बाद भगवान आपसे बस ‘एक सवाल’ पूछेंगे!

By NCI
On: January 1, 2026 1:59 PM
लेखक- उमा जी झा via NCI

New Year 2026 : क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि हम दूसरों को खुश करने में अपनी जिंदगी का कितना बड़ा हिस्सा और पैसा खर्च कर देते हैं? एक शादी का उदाहरण ही ले लीजिए। लोग शादियों में अपनी हैसियत से बढ़कर खर्च करते हैं। लाखों रुपए सजावट पर और खाने-पीने पर उड़ा दिए जाते हैं। लेकिन जब शादी खत्म होती है, तो नतीजा क्या निकलता है? कोई न कोई रिश्तेदार या दोस्त यह कहता हुआ मिल ही जाता है कि “सब ठीक था, बस खाने में मजा नहीं आया” या “इंतजाम थोड़ा और अच्छा हो सकता था।” यह एक कड़वा सच है कि आप चाहे दुनिया की सारी दौलत लगा दें, लेकिन दिखावे से आप कभी किसी का दिल पूरी तरह नहीं जीत सकते। और सच तो यह है कि दूसरों को खुश करने के चक्कर में हम अपनी ही मानसिक शांति खो देते हैं। तो क्यों न इस नए साल में हम एक अलग रास्ता चुनें?

इस साल हमें अपने पैसों के इस्तेमाल के बारे में फिर से सोचने की जरूरत है। हम जो पैसा कपड़ों, मेकअप, पार्टियों और घूमने-फिरने पर खर्च करते हैं, उसका एक बहुत छोटा हिस्सा दूसरों की मदद के लिए निकालें। यह कोई टैक्स नहीं है, यह इंसानियत का फर्ज है। यह पैसा किसी गरीब बच्चे की स्कूल फीस बन सकता है, किसी बुजुर्ग की दवाई का खर्च बन सकता है, या किसी भूखे को खाना खिला सकता है। असली अमीर वह नहीं है जिसके बैंक खाते में करोड़ों रुपए हैं, असली अमीर वह है जिसका दिल दूसरों के लिए धड़कता है। आजकल हम देखते हैं कि लोग सिनेमाघरों में फिल्मों पर और वीकेंड की पार्टियों पर हजारों-करोड़ों रुपए खर्च कर देते हैं। जरा सोचिए, अगर हम फिल्मों का थोड़ा सा शौक कम कर दें और बाहर के पिज्जा-बर्गर की जगह घर का खाना खाएं, तो कितने पैसे बचेंगे? अगर पूरा देश मिलकर यह पैसा गौसेवा में लगाए, तो भारत की किसी भी सड़क पर गाय माता भूखी-प्यासी नहीं भटकेगी। पहले के समय में हर गांव में गायों के चरने के लिए खुली जमीन होती थी, जो अब नहीं रही। इसलिए अब यह जिम्मेदारी हमारी है कि हम उन्हें आसरा दें।

मदद करने के लिए आपको बहुत धनवान होने की जरूरत नहीं है, बस नीयत साफ़ होनी चाहिए। आप एक छोटा सा नियम बना सकते हैं रोज अपने घर में बनने वाली पहली रोटी गाय के लिए अलग निकालें। अगर शहर में रहते हैं और आस-पास गाय नहीं है, तो किसी गौशाला में जाकर अपनी कमाई का थोड़ा हिस्सा दान करें। भगवान कृष्ण को गाय सबसे प्यारी थीं, इसलिए उनकी सेवा करना सबसे बड़ी पूजा है।

आखिर में, एक बात हमेशा याद रखिएगा। यह जीवन हमें सिर्फ अपने शौक पूरे करने के लिए नहीं मिला है। एक दिन जब यह जीवन पूरा होगा और हम ऊपर वाले के सामने खड़े होंगे, तो भगवान हमसे हमारे बैंक बैलेंस या गाड़ियों के बारे में नहीं पूछेंगे। वो बस एक ही सवाल पूछेंगे “मैंने तुम्हें इंसान बनाकर भेजा था, तुमने दूसरों के लिए क्या किया?” उस समय हम गर्व से कह सकें कि “हां प्रभु, मैंने अपने लिए कम और दूसरों के लिए ज्यादा जिया।” बस यही जवाब हमारे जीवन को सफल बनाएगा। आइए, इस साल दिखावे को छोड़ें और सेवा को अपनाएं।

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