Aaj ka Panchang — 21 फरवरी 2026

By NCI
On: February 20, 2026 8:42 PM

Aaj ka Panchang- आज दिनांक 21 फरवरी 2026, दिन शनिवार है। हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, यह विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्ववसु) है। आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि (विनायक चतुर्थी का पारण) दोपहर 01:00 (13:00) बजे तक रहेगी, उसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील है क्योंकि दिन के पहले भाग में कई अशुभ योग एक साथ सक्रिय हैं, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

आज की सबसे बड़ी चेतावनी यह है कि सुबह 06:55 से दोपहर 01:00 बजे तक ‘भद्रा’ (विष्टि करण) रहेगी, और इसका वास ‘मृत्यु लोक’ (पृथ्वी) पर है। पृथ्वी लोक की भद्रा को अत्यंत विनाशकारी माना जाता है, इसलिए दोपहर 1 बजे तक कोई भी शुभ या नया कार्य (जैसे यात्रा, नया सौदा, विवाह की बात आदि) बिल्कुल न करें। इसके साथ ही, शाम 07:07 (19:07) तक ‘पंचक’ भी प्रभावी रहेगा, जिसमें दक्षिण दिशा की यात्रा और गृह निर्माण से जुड़े कार्य वर्जित होते हैं। आज पूरा दिन ‘गंड मूल’ (Ganda Moola) दोष भी है, क्योंकि शाम 07:07 तक ‘रेवती’ नक्षत्र रहेगा और उसके बाद ‘अश्विनी’ नक्षत्र लग जाएगा; ये दोनों ही गंड मूल नक्षत्र हैं। साथ ही, देर रात 02:12 (Feb 22) तक ‘रोग बाण’ भी चल रहा है, अतः स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

हालांकि, दोपहर 01:00 बजे के बाद स्थितियों में सकारात्मक बदलाव आएगा। दोपहर 1 बजे भद्रा समाप्त होते ही भगवान शिव का वास ‘क्रीड़ा’ से हटकर ‘कैलाश’ पर हो जाएगा। शनिवार के दिन शिवजी का कैलाश पर वास होना रुद्राभिषेक और संकट निवारण पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। हवन के लिए भी दोपहर 1 बजे तक का समय उत्तम है क्योंकि तब तक अग्निवास ‘पृथ्वी’ पर है। चंद्रमा शाम 07:07 तक मीन राशि में रहेंगे और उसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे (जिसके साथ पंचक भी समाप्त हो जाएगा)। दिन में ‘रवि योग’ (शाम 07:07 तक) होने से कुछ अशुभ प्रभावों में कमी आएगी। शुभ कार्यों के लिए ‘अभिजित मुहूर्त’ दोपहर 12:18 से 01:04 बजे तक है (लेकिन भद्रा का ध्यान रखते हुए इसमें केवल पूजा-पाठ करें)। सूर्योदय सुबह 06:55 पर और सूर्यास्त शाम 06:26 (18:26) पर होगा। आज दिशाशूल पूर्व दिशा (East) में है।


विस्तृत पंचांग (21 फरवरी 2026) – उज्जैन, भारत

विवरणसमय/स्थिति
दिनांक21 फरवरी 2026
दिनशनिवार (Saturday)
तिथिचतुर्थी (दोपहर 13:00 तक), फिर पंचमी
पक्षशुक्ल पक्ष (फाल्गुन मास)
नक्षत्ररेवती (शाम 19:07 तक), फिर अश्विनी (पूरा दिन गंड मूल)
योगशुभ (दोपहर 15:51 तक), फिर शुक्ल
करणभद्रा/विष्टि (13:00 तक), बव (00:06 AM तक)
सूर्य राशिकुंभ (Kumbha)
चंद्र राशिमीन (शाम 19:07 तक), फिर मेष (Mesha)
ऋतुवसंत (Spring)
अयनउत्तरायण

सूर्य और चंद्रमा का समय

घटनासमय
सूर्योदय06:55 AM
सूर्यास्त18:26 PM
चन्द्रोदय09:07 AM (सुबह)
चंद्रास्त22:15 PM (रात 10:15)

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त05:15 AM से 06:05 AM
अभिजित मुहूर्त12:18 PM से 01:04 PM (शनिवार को सामान्य)
रवि योगसुबह 06:55 AM से शाम 19:07 PM तक
विजय मुहूर्त14:36 PM से 15:22 PM
गोधूलि मुहूर्त18:24 PM से 18:49 PM
अमृत कालशाम 16:49 PM से 18:21 PM (श्रेष्ठ समय)
निशिता मुहूर्त22 फरवरी, 00:15 AM से 01:06 AM
शिव वासकैलाश पर (दोपहर 13:00 PM के बाद) – रुद्राभिषेक शुभ
अग्निवासपृथ्वी पर (दोपहर 13:00 PM तक) – हवन शुभ

अशुभ समय (Inauspicious Timings)

मुहूर्तसमय
राहुकाल09:48 AM से 11:14 AM (शुभ कार्य न करें)
यमगण्ड14:07 PM से 15:33 PM
गुलिक काल06:55 AM से 08:22 AM
दुर्मुहूर्त06:55 AM से 07:41 AM और 07:41 AM से 08:27 AM
भद्रासुबह 06:55 AM से दोपहर 13:00 PM तक (पृथ्वी लोक – अत्यंत अशुभ)
पंचकसुबह 06:55 AM से शाम 19:07 PM तक (सतर्क रहें)
गंड मूलपूरा दिन और रात (रेवती और अश्विनी नक्षत्र)
बाण (रोग)रात 02:12 AM (Feb 22) तक (स्वास्थ्य का ध्यान रखें)
दिशाशूलपूर्व (East)

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