Aaj ka Panchang- आज दिनांक 13 फरवरी 2026, दिन शुक्रवार है। हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, यह विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्ववसु) है। आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि दोपहर 02:25 (14:25) तक रहेगी, उसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज ‘विजया एकादशी’ (Vijaya Ekadashi) का पवित्र व्रत है। शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और कठिन कार्यों में सफलता मिलती है।
आज का दिन पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ है, लेकिन सांसारिक कार्यों के लिए थोड़ी सावधानी की आवश्यकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि शाम 04:12 (16:12) तक ‘मूल’ नक्षत्र है। मूल नक्षत्र को ‘गंड मूल’ (Ganda Moola) की श्रेणी में रखा गया है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए बहुत शुभ नहीं माना जाता। इसलिए, कोई भी बड़ा कार्य शाम 04:12 के बाद ‘पूर्वाषाढ़ा’ नक्षत्र लगने पर ही करें तो बेहतर होगा।
शिव भक्तों के लिए आज बहुत ही शुभ समाचार है। दोपहर 02:25 तक भगवान शिव का वास ‘कैलाश’ (On Kailash) पर है। एकादशी और कैलाश वास का संयोग रुद्राभिषेक और शिव पूजा के लिए सर्वोत्तम होता है। दोपहर 02:25 के बाद शिवजी का वास ‘नंदी’ पर होगा, जो भी शुभ है। आज ‘वज्र’ योग (Vajra Yoga) देर रात तक बना हुआ है, जिसे ज्योतिष में बहुत अच्छा नहीं माना जाता। चंद्रमा आज पूरा दिन धनु राशि (Sagittarius) में संचार करेंगे। शुभ कार्यों के लिए ‘अभिजित मुहूर्त’ दोपहर 12:19 से 01:04 बजे तक उपलब्ध है। सूर्योदय सुबह 07:01 पर और सूर्यास्त शाम 06:22 (18:22) पर होगा। आज दिशाशूल पश्चिम दिशा (West) में है।
विस्तृत पंचांग (13 फरवरी 2026) – उज्जैन, भारत
| विवरण | समय/स्थिति |
| दिनांक | 13 फरवरी 2026 |
| दिन | शुक्रवार (Friday) |
| तिथि | एकादशी (दोपहर 14:25 तक) – विजया एकादशी व्रत |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष (फाल्गुन मास) |
| नक्षत्र | मूल (शाम 16:12 तक) – गंड मूल, फिर पूर्वाषाढ़ा |
| योग | वज्र (देर रात 03:23, Feb 14 तक – अशुभ) |
| करण | बालव (14:25 तक), कौलव (03:17 AM तक) |
| सूर्य राशि | कुंभ (Kumbha) |
| चंद्र राशि | धनु (Dhanu) – (पूरा दिन) |
| ऋतु | शिशिर (Winter) |
| अयन | उत्तरायण |
सूर्य और चंद्रमा का समय
| घटना | समय |
| सूर्योदय | 07:01 AM |
| सूर्यास्त | 18:22 PM |
| चन्द्रोदय | 14 फरवरी, 04:44 AM (भोर में) |
| चंद्रास्त | 02:31 PM (दोपहर) |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:19 AM से 06:10 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 PM से 01:04 PM (शुक्रवार को अति उत्तम) |
| विजय मुहूर्त | 14:35 PM से 15:20 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:19 PM से 18:45 PM |
| अमृत काल | सुबह 09:08 AM से 10:54 AM (पूजा के लिए श्रेष्ठ) |
| निशिता मुहूर्त | 14 फरवरी, 00:16 AM से 01:06 AM |
| शिव वास | कैलाश पर (दोपहर 02:25 PM तक) – रुद्राभिषेक करें |
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| राहुकाल | 11:16 AM से 12:41 PM (शुभ कार्य न करें) |
| यमगण्ड | 15:31 PM से 16:57 PM |
| गुलिक काल | 08:26 AM से 09:51 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:17 AM से 10:02 AM और 13:04 PM से 13:49 PM |
| गंड मूल | सुबह 07:01 AM से 16:12 PM तक (मूल नक्षत्र) |
| बाण (मृत्यु) | देर रात 03:58 AM, Feb 14 से शुरू |
| अग्निवास | आकाश में (दोपहर 02:25 तक) – हवन वर्जित |
| दिशाशूल | पश्चिम (West) |