Aaj ka Panchang – आज दिनांक 16 जनवरी 2026, दिन शुक्रवार है। हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, यह विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्ववसु) है। आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 10:21 (22:21) तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार का संयोग होने के कारण आज ‘शुक्र प्रदोष व्रत’ (Shukra Pradosh Vrat) किया जाएगा। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए, विशेषकर दांपत्य सुख और समृद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि, ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन काफी संवेदनशील है। आज पूरा दिन और पूरी रात ‘गंड मूल’ (Ganda Moola) दोष रहेगा, क्योंकि चंद्रमा ‘मूल’ नक्षत्र में संचार कर रहे हैं। मूल नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और इसे गंड मूल की श्रेणी में सबसे तीव्र माना जाता है। इसके अलावा, आज दोपहर 02:20 (14:20) तक ‘मृत्यु बाण’ भी प्रभावी है। इसलिए दोपहर 02:20 तक वाहन चलाने या जोखिम भरे कार्यों में विशेष सावधानी बरतें। रात 10:21 (22:21) से ‘भद्रा’ शुरू होगी, जिसका वास पाताल लोक में है। चंद्रमा आज पूरा दिन धनु राशि (Sagittarius) में रहेंगे। अच्छी बात यह है कि दोपहर 12:15 से 12:58 तक ‘अभिजित मुहूर्त’ उपलब्ध है, जिसमें आवश्यक कार्य किए जा सकते हैं। सूर्योदय सुबह 07:10 पर और सूर्यास्त शाम 06:03 (18:03) पर होगा। आज दिशाशूल पश्चिम दिशा (West) में है।
विस्तृत पंचांग (16 जनवरी 2026) – उज्जैन, भारत
| विवरण | समय/स्थिति |
| दिनांक | 16 जनवरी 2026 |
| दिन | शुक्रवार (Friday) |
| तिथि | त्रयोदशी (रात 22:21 तक), फिर चतुर्दशी |
| पर्व/व्रत | शुक्र प्रदोष व्रत (Shukra Pradosh) |
| नक्षत्र | मूल (पूरा दिन और रात) – गंड मूल |
| योग | ध्रुव (रात 21:06 तक), फिर व्याघात |
| करण | गर (09:21 तक), वणिज (22:21 तक), फिर भद्रा |
| सूर्य राशि | मकर (Makara) |
| चंद्र राशि | धनु (Dhanu) – (पूरा दिन) |
| ऋतु | शिशिर (Winter) |
| अयन | उत्तरायण |
सूर्य और चंद्रमा का समय
| घटना | समय |
| सूर्योदय | 07:10 AM |
| सूर्यास्त | 18:03 PM |
| चन्द्रोदय | 17 जनवरी, 06:03 AM |
| चंद्रास्त | 15:47 PM |
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:25 AM से 06:18 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:15 PM से 12:58 PM (शुक्रवार को विशेष फलदायी) |
| विजय मुहूर्त | 14:26 PM से 15:09 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:01 PM से 18:27 PM (प्रदोष पूजा का समय) |
| अमृत काल | 17 जनवरी, 01:09 AM से 02:55 AM |
| निशिता मुहूर्त | 17 जनवरी, 00:10 AM से 01:03 AM |
अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| मुहूर्त | समय |
| राहुकाल | 11:15 AM से 12:37 PM (शुभ कार्य न करें) |
| यमगण्ड | 15:20 PM से 16:41 PM |
| गुलिक काल | 08:32 AM से 09:54 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:21 AM से 10:04 AM और 12:58 PM से 13:42 PM |
| गंड मूल | पूरा दिन (मूल नक्षत्र के कारण) |
| मृत्यु बाण | दोपहर 14:20 PM तक (विशेष सावधानी) |
| भद्रा | रात 22:21 PM से पूरी रात (पाताल लोक) |
| वर्ज्य | 14:36 PM से 16:21 PM |
| दिशाशूल | पश्चिम (West) |